नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय (Shiva Panchakshara Stotram in Hindi) शिव पंचाक्षर स्तोत्र – हिंदू देवता शिव को समर्पित एक स्तोत्र है। पांच छंदों का शिव पंचाक्षर स्तोत्र दार्शनिक आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा रचित किया गया है। आज इस लेख में आप जानेंगे शिव पंचाक्षर स्तोत्र और शिव पंचाक्षर स्तोत्र के फायदे। तो चलिए शुरू करते है।

Shiva Panchakshara Stotram in Hindi
॥ श्री शिव पञ्चाक्षर स्तोत्रम् ॥ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय, भस्माङ्गरागाय महेश्वराय । नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय, तस्मै न काराय नमः शिवाय ॥१॥ मन्दाकिनी सलिलचन्दन चर्चिताय, नन्दीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय । मन्दारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय, तस्मै म काराय नमः शिवाय ॥२॥ शिवाय गौरीवदनाब्जवृन्द, सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय । श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजाय, तस्मै शि काराय नमः शिवाय ॥३॥ वसिष्ठकुम्भोद्भवगौतमार्य, मुनीन्द्रदेवार्चितशेखराय। चन्द्रार्क वैश्वानरलोचनाय, तस्मै व काराय नमः शिवाय ॥४॥ यक्षस्वरूपाय जटाधराय, पिनाकहस्ताय सनातनाय । दिव्याय देवाय दिगम्बराय, तस्मै य काराय नमः शिवाय ॥५॥ पञ्चाक्षरमिदं पुण्यं यः पठेच्छिवसन्निधौ । शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते ॥

शिव पंचाक्षर स्तोत्र के फायदे
पंचाक्षर का संस्कृत अर्थ “पांच अक्षर” है, जो पांच अक्षरों ना, मा, शि, वा और य को संदर्भित करता है। यह शिव के मंत्र, ओम नमः शिवाय से जुड़ा है, जिसमें ये अक्षर भी शामिल हैं। इन पांच अक्षरों के महत्व और देवता के साथ उनके संबंध के बारे में बताता है (wikipidia)।
कुछ ग्रंथों के अनुसार ये पांच अक्षर मानव शरीर के पांच तत्वों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनके जाप से उन्हें ऊर्जा मिलती है। ना का संबंध पृथ्बी से है, मा का संबंध जल से है, शि का संबंध अग्नि से है, वा का संबंध वायु से है, और य का संबंध अंतरिक्ष से है। तो चलिए जानते है शिव पंचाक्षर स्तोत्र के फायदे।
- अगर किसीको कालसर्प दोष के कारन मानसिक परिस्थिति ख़राब है, तो उन्हें शिव पंचाक्षर स्तोत्र पाठ करना चाहिए, यह स्तोत्र नियमित पाठ करने से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलते है।
- शिव पंचाक्षर स्तोत्र का पाठ करने से शारीरिक और मानसिक रोगों से मुक्ति मिलते है।
- सांसारिक बंधनों से मुक्ति मिलते है और आत्मा की मोक्ष प्राप्ति के लिए दिशा प्रदान करता है।
- शिव पंचाक्षर स्तोत्र (Shiva Panchakshara Stotram in Hindi) का पाठ करने और सुनने से मनुष्यों को आत्मिक शांति, उन्नति प्राप्त होते है।
- शिव पंचाक्षर स्तोत्र पाठ और श्रवण मात्र भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
- भगवान शिव के समक्ष शिव पंचाक्षर स्तोत्र पाठ करने से पुण्य लोक प्राप्त करता है।
- मन में कुविचार नहीं आने देते है।
- नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाते है।
- शिव पंचाक्षर स्तोत्र का नियमित पाठ करने से घर में सुख शांति और समृद्धि होती है।
- शिव पंचाक्षर स्तोत्र का नित्य पाठ करने से हर कार्य में सफलता प्राप्त होते है।
- सावन के महीना (सावन 2023) में शिव पंचाक्षर स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत शुभ फलदायी होता है।

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Shiva Panchakshara Stotram in Hindi PDF
आपकी सुबिधा के लिए शिव पंचाक्षर स्तोत्र (Shiva Panchakshara Stotram in Hindi PDF) दिया गया है। आप आसानी से डाऊनलोड बटन पर क्लिक करके प्रिंट ले सकते हैं और ऑफलाइन पाठ कर सकते है।
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Shiva Panchakshara Stotram Music Video
उपसंहार – आशा है आपको आज की पोस्ट (Shiva Panchakshara Stotram in Hindi) से लाभ हुआ होगा। भगवान शिव की कृपा से आपके जीवन की सभी परेशानियां समाप्त हो जाएं। यदि आप विधिपूर्वक भगवान शिव की पूजा करते है तो आपके जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाते है, आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होते है । यदि आपको इस लेख से लाभ हुआ है, तो कृपया एक कमेंट कर हमें प्रोत्साहित करें।
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